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छत्तीसगड की युवतियों को अभी भी न्याय की अपेक्षा है.

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Written by
Chavan

छत्तीसगढ़ दुर्ग के “नन” (नंस) मामले में, जिसमें तीन युवतियों (कमलेश्वरी प्रधान, ललिता उसेंडी, सुकमती मंडावी) ने महिला आयोग के पास शिकायत की थी, प्रमुख अपडेट्स सितंबर 2025 तक इस प्रकार हैं:

– इस मामले में आरोप है कि 25 जुलाई 2025 को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों (प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस) और एक व्यक्ति (सुकमन मंडावी) को बजरंग दल के शिकायत पर रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। साथ ही आरोपित युवतियों ने पुलिस की मौजूदगी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से छेड़छाड़, गाली-गलौज, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न तथा गैंगरेप की धमकी का आरोप लगाया है। युवतियों ने इन आरोपों के खिलाफ राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

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– महिला आयोग ने 20 अगस्त 2025 को मामले की सुनवाई की, जिसमें आरोपी पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने पुलिस थाने के CCTV फुटेज और संबंधित पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने पुलिस व संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

– पीड़ित युवतियों ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने में उन्हें मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उनकी आर्थिक और मानसिक स्थिति पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है, और युवतियां न्याय के प्रति निराशा जता रही हैं।

– मामले ने राजनीति भी जन्म लिया है, जहां माकपा नेता वृंदा करात ने महिला आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस ने बिना जांच ननों और युवक को हिरासत में लिया और युवतियों के बयान दबाव में लिए गए।

– महिला आयोग में सुनवाई के दौरान धर्मांतरण और नौकरी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए,महिला आयोग के सदस्यों ने कहा कि नौकरी तो आपके यहाँ पर भी लग सकती थी तो आप दुसरे स्थान पर क्यों जा रही थी और दुसरे गाव नोकरी के लिए जा रहे तो पुलिसमें सुचना दी थी क्या? और दुसरी बात की. की, आप एक धर्म से दुसरे धर्म में जा रहे है पुलिस की कार्यवाही सही है.और हैरान करने वाली बात यह भी है कि एक सदस्य ने कहा कि यह आवेदन आपने किसी दुसरे से लिखवाकर लाई है. सब संविधान के मौलिक अधिकारों की अनदेखी के खेल चल रहे हैं।

– बजरंग दल की कार्यकर्ता ज्योति शर्मा ने आरोपों से इंकार किया है और कहा कि उन्हें महिला आयोग से कोई नोटिस नहीं मिला है।

संक्षेप में, महिला आयोग ने मामले में गंभीरता दिखाई है और सीसीटीवी फुटेज व रिपोर्ट तलब की हैं, जबकि पीड़ित युवतियों ने उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच और सुनवाई जारी है, और पुलिस तथा आरोपित पक्ष के जवाबों का इंतजार है।

यह सब सितंबर 2025 तक की ताजा स्थिति है।

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