
पास्टर की छवि कैसी होनी चाहिए?
1. स्वभाव (Character)
• ईमानदारी – लोग उसे देखकर सच्चाई और. विश्वासयोग्यता का अनुभव करें।
• नम्रता – सेवक के समान रहना, घमंड न करना।
• संयम – गुस्से पर नियंत्रण रखना।
• क्षमाशीलता – दूसरों की गलतियों को माफ करना।
• प्रेम और दया – गरीबों, विधवाओं, अनाथों और ज़रूरतमंदों से करुणा रखना।
• निडरता-– वह डरपोक न हो, सबसे आगे हो, और सुरक्षा करे, सबको हिम्मत दे.
• दाता हो — सिर्फ लोगों से लेनेवाला नहीं पर कमजोर लोगों पर खर्च करने वाला भी हो.
• मिलनसार-– सबके साथ मिलना जुलना चाहिए मसीही और अन्य के साथ
• ऊंची सोच— उसकी सोच ऊंची हो. दूर तक सोचना चाहिए
• और बहुत कुछ हो
2. कर्म (Actions)
• जीवन में बाइबल की शिक्षा का पालन करना।
• समाजसेवा और जरूरतमंदों की मदद करना।
• प्रार्थना और वचन में स्थिर रहना।
• हर तरह के लोभ और बुरी आदतों से दूर रहना।
3. व्यवहार (Behavior)
• सबके साथ आदर और प्रेम से पेश आना।
• चर्च के लोगों को कठोरता से नहीं, बल्कि प्रेम से सुधारना।
• सभी जातियों और वर्गों के साथ समान व्यवहार।
• समाज में शांति और मेल-मिलाप का दूत बनना।
4. परिवार के साथ व्यवहार (Family Life)
• पत्नी और बच्चों के साथ आदर और प्रेम का संबंध।
• पत्नी का सम्मान और बच्चों को परमेश्वर के मार्ग में प्रशिक्षित करना।
• घर और बाहर एक समान छवि रखना।
5. सामाजिक और आर्थिक व्यवहार (Social & Financial Conduct)
• चर्च के पैसों में पारदर्शिता रखना।
• किसी भी आर्थिक या सामाजिक व्यवहार में ईमानदारी।
• कर्ज और लेन-देन में सचाई।
• शराब, भ्रष्टाचार और अनैतिकता से दूर रहना।
6. सार्वजनिक छवि (Public Image)
• लोग देखकर कहें – “यह परमेश्वर का जन है।”
• जीवन प्रेरणादायी और अनुकरणीय हो।
• चर्च में नेता, बाहर सेवक।
📖 बाइबलिक आधार: 1 तीमुथियुस 3:1–7 और तीतुस 1:6–9










