
पास्टर के पास कौन-कौन से विषय का ज्ञान होना चाहिए?
1. आध्यात्मिक ज्ञान
• बाइबल का गहरा ज्ञान (पुराना व नया नियम)।
• धर्मशास्त्र (तारण, विश्वास, कृपा, आत्मा, मसीह का कार्य)।
• प्रचार और शिक्षा देने की कला।
• प्रार्थना और आत्मिक लड़ाई का ज्ञान।
• सत्य के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता।
2. व्यवहारिक ज्ञान
• समाजशास्त्र और लोगों की संस्कृति की समझ।
• मनोविज्ञान – लोगों की मानसिक समस्याएँ समझना।
• नेतृत्व और संगठन की कला।
• परामर्श (विवाह, परिवार, युवाओं की समस्याएँ)।
• संवाद और संचार की क्षमता।
3. परिवार संबंधी ज्ञान
• विवाह और पति-पत्नी के संबंध की बाइबलिक समझ।
• बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार देना।
• घर को बाइबलिक अनुशासन में रखना।
4. आर्थिक ज्ञान
• दान और अर्पण का सही उपयोग।
• खर्च और बचत की समझ।
• लोभ से दूर रहना और लोगों को जिम्मेदारी सिखाना।
5. सामाजिक व कानूनी ज्ञान
• संवैधानिक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता।
• कानूनी प्रक्रिया (एफआईआर, अदालत इत्यादि)।
• सामाजिक न्याय और गरीबों की समस्याएँ।
• अन्य धर्मों और संस्कृतियों की समझ।
6. तकनीकी और आधुनिक ज्ञान
• मीडिया और टेक्नोलॉजी का उपयोग।
• युवाओं से उनके भाषा और तरीके से संवाद करना।
• शिक्षा और समाज की नई आवश्यकताओं को समझना।
7. विशेष आत्मिक ज्ञान
• आत्माओं की पहचान करने की क्षमता।
• स्वप्न और दर्शन का अर्थ समझना।
• स्तुति और उपासना का महत्व।
• सेवाकार्य में पवित्रता और अनुशासन।
📖 बाइबलिक आधार:
होशे 4:6 – “मेरी प्रजा ज्ञान के बिना नाश हुई।”
2 तीमुथियुस 2:15 – “सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाने वाला परिश्रमी काम करने वाला बन।”
मतलब, एक पास्टर को आध्यात्मिक, सामाजिक, मानसिक, पारिवारिक, आर्थिक, कानूनी और तकनीकी – हर क्षेत्र का ज्ञान होना चाहिए।










