
सेनपानी गाव,जो महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित है. 24 और 25 अगस्त को वहाँ पर मसीही लोगों का उत्पीड़न हुवा. उनके घर में बर्तन तोड़ फोड़ हुई, जवानों झुंड बनकर आकर गंदी गाली गलोच की गई, 8 महीने की गर्भवती स्त्री के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, उसको मानसिक प्रताड़ित किया गया. इस प्रताड़ना का उसके गर्भ पर भी असर हुआ, इस के कारण उसकी तबीयत खराब हो गई. शामा बारेला और अर्जुन बारेला के घरों में बहुत नुकसान हुआ है. यह 8 महिने की गर्भवती और अर्जुन और मीरा की 2 साल की बेटी को लेकर विश्वासी लोग गावसे बाहर जहाँ आश्रय मिला वहाँ छुपते फिरे. फिर भी घटना को गाव में ही मिटाने के लिये विश्वासी लोगों ने कोशिश की. गाव के पुलिस पाटील और अन्य टीम बनाकर भेजी गई. लेकिन गावका मुखिया और लोग नहीं माने. गाव के मुखिया ने 5,6 परिवार को गाव से निकाल दिया था. अगर गाव में आए तो जान से मारने की धमकी दी थी. यह लोग 12 दिन बाहर छुपते फिरे और इस बात को गाव में ही सुलझाने की पूरी कोशिश करते रहे जब असंभव लगा और अब गाव में जाना मुश्किल है कोई हमारी नही सुन रहा है ऐसा एहसास होने पर वे पुलिस स्टेशन गये. रिपोर्ट लिखाई. पोलीस के अधिकारियों ने गाव वालों को बुलाया समझायाऔर सुलह कराई. गांव का मुखिया वहाँ पर मान गया और विश्वासी योको गाव में आने के लिए बोला गया. वे अगले दिन जाने के लिए तैयार हो गए. फिर उन्हे पुराने सरपंच के द्वारा फोन आया कि और 2 दिन रुक जाओ. क्योंकि नई फसल का त्योहार है. सब लोग नशे में रहेंगे, कुछ भी हो सकता है. फिर से विश्वासी रुक गए. 14 दिनों के बाद अब शनिवार के दिन 6 /9/25 को गये. पोलीस के सामने वहाँ की बहुत सी महिलायें विश्वासियोंपर हमला करने की विचारसे आई थी लेकीन पुलिसने मामला सम्भाल लिया नहीं तो बडी घटना को अन्जाम देनेवाले थे. बादमें उनके घर तोड़े गए, tv भी मिला नहीं. सोना चोरी हुवा. बर्तन तोड़े गये.और अन्य बहुत सारे समान का नुकसान हुआ है.


सेनपानी गांव मे मसीही लोगो का जबरदस्त विरोध">








