
हैदरपुर के मसीही विश्वासियों को अब तक नहीं मिला न्याय, संस्था की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
बुरहानपुर।
जिले के हैदरपुर गाँव के मसीही विश्वासी पिछले कई महीनों से उत्पीड़न और अन्याय का सामना कर रहे हैं। कल जब उनसे मुलाक़ात की गई तो पाया गया कि सभी भाई-बहन शांति और संयम से रह रहे हैं, लेकिन उनके मन में डर और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है।
विश्वासियों से जुड़े जिस संस्था और चर्च की देखरेख में वे आते हैं, उनकी ओर से अब तक कोई ठोस संवाद या सहयोग नहीं हुआ है। न उनका हाल-चाल पूछा गया और न ही किसी ने फोन पर भी हिम्मत देने की कोशिश की। सूत्रों से ऐसे पता चला की वह सेवक, जो पहले हैदरपुर में सेवा करता था और इस समय अपने घर पर है, उसके साथ भी संस्था का कोई संपर्क नहीं है।
विश्वासियों का कहना है कि शासन-प्रशासन से भी अब तक न्याय नहीं मिला है। हाल ही में राष्ट्रीय जनजाति आयोग से SP कार्यालय को नोटिस जारी हुआ था, लेकिन उसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा। इसी कारण अब पीड़ित पक्ष ने हाई कोर्ट, जबलपुर में याचिका दाखिल की है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब अपने ही लोग संकट और उत्पीड़न से गुजर रहे हों, तो संस्था और नेतृत्व की पहली जिम्मेदारी बनती है कि वे उनके साथ खड़े हों, सहानुभूति जताएँ और उन्हें हिम्मत दें। लेकिन इस मामले में संस्था की चुप्पी और उदासीनता ने पीड़ित विश्वासियों को और अधिक निराश कर दिया है।









