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कांकेर में शव दफन को लेकर हिंसक टकराव

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Written by
Chavan

कांकेर में शव दफन को लेकर हिंसक टकराव

मसीही समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर फिर सवाल

कांकेर (छत्तीसगढ़) | PM News India

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में शव दफनाने को लेकर उत्पन्न विवाद ने एक बार फिर देश में धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और अल्पसंख्यक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मसीही परिवार द्वारा अपने परिजन का अंतिम संस्कार (दफन) किए जाने के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि गांव में हिंसा, पथराव, आगजनी और पुलिस बल पर हमले की घटनाएँ सामने आईं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, गांव के सरपंच के पिता का निधन हुआ था। मृतक और उनका परिवार मसीही विश्वास से संबंधित है। मसीही परंपरा के अनुसार, परिवार ने अपने परिजन का दफन संस्कार किया।

लेकिन कुछ ग्रामीणों ने इसे स्थानीय परंपरा के खिलाफ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध धार्मिक टकराव में बदल गया।

प्रशासनिक आदेश और तनाव

विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने शव को कब्र से निकालकर (Exhumation) पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया। इसी दौरान गांव में दो समुदाय आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पत्थरबाजी और हिंसा शुरू हो गई।

हिंसा में घायल पुलिसकर्मी, चर्च को नुकसान

घटना के दौरान स्थिति नियंत्रित करने पहुँची पुलिस पर भी हमला हुआ।

सूत्रों के अनुसार:

• कई पुलिसकर्मी घायल हुए,

• वरिष्ठ अधिकारी भी चोटिल हुए,

• एक चर्च और मसीही संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया,

• पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े।

संविधान क्या कहता है?

भारत का संविधान:

• अनुच्छेद 25 – हर नागरिक को अपने धर्म का पालन, प्रचार और आचरण करने की स्वतंत्रता देता है

• अनुच्छेद 21 – गरिमापूर्ण जीवन और मृत्यु का अधिकार सुनिश्चित करता है

• अनुच्छेद 14 – कानून के समक्ष समानता की गारंटी देता है

इसके बावजूद, बार-बार मसीही समुदाय को अपने मृत परिजनों को सम्मानपूर्वक दफनाने से रोका जाना, एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन की ओर इशारा करता है।

मसीही समाज की पीड़ा

मसीही समाज का कहना है कि:

• यह विवाद केवल एक शव का नहीं, बल्कि विश्वास और अस्तित्व का है

• किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार करने से रोकना अमानवीय और असंवैधानिक है

• हिंसा और अफवाहों के जरिए अल्पसंख्यकों को डराने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए खतरा है

शांति और संवाद की अपील

मसीही संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने:

• शांति बनाए रखने,

• संवाद और कानून के माध्यम से समाधान,

• दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई,

• और सभी धर्मों के अधिकारों के सम्मान

की अपील की है।

PM News India की अपील

PM News India प्रशासन और समाज से अपील करता है कि:

• धर्म के आधार पर भेदभाव बंद हो,

• संविधान सर्वोपरि रहे,

• और किसी भी नागरिक को उसकी आस्था के कारण अपमानित या प्रताड़ित न किया जाए।

“मृतक को सम्मान और जीवित को सुरक्षा — यही सभ्य समाज की पहचान है।”

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