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बड़वानी जिले के वरला तहसील में मसीही परिवारों पर दबाव और मारपीट का मामला, प्रशासन की समझाइश से स्थिति नियंत्रण में

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Written by
Chavan

बड़वानी जिले के वरला तहसील में मसीही परिवारों पर दबाव और मारपीट का मामला, प्रशासन की समझाइश से स्थिति नियंत्रण में

बड़वानी, मध्यप्रदेश | 24 मार्च 2026

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मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला के वरला तहसील अंतर्गत राजन गांव में 19 मार्च 2026 (गुरुवार) को धार्मिक तनाव की एक गंभीर घटना सामने आई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 12 बजे गांव के कुछ लोगों ने वहां निवास कर रहे करीब 10 मसीही परिवारों के घरों पर जाकर उन्हें अपना धर्म छोड़ने के लिए दबाव बनाया। जब मसीही परिवारों ने अपनी आस्था पर कायम रहने की बात कही, तो भीड़ द्वारा तीन लोगों के साथ मारपीट की गई और गंभीर धमकियां दी गईं।

पीड़ितों के अनुसार, उन्हें कहा गया कि “या तो यीशु मसीह को मानना छोड़ दो या गांव छोड़ दो।”

धमकी और तनाव की स्थिति

घटना के दौरान आरोप है कि कुछ लोगों को उकसाकर माहौल को भड़काया गया। मसीही परिवारों को यह चेतावनी भी दी गई कि 22 मार्च (रविवार) तक धर्म परिवर्तन कर लें, अन्यथा उन्हें गांव में रहने नहीं दिया जाएगा।

इसके अलावा, यह भी धमकी दी गई कि रविवार को सभी को नर्मदा नदी ले जाकर “शुद्धिकरण” किया जाएगा, और यदि वे नहीं आए तो उन्हें जबरन इकट्ठा कर मारपीट की जाएगी।

पुलिस में शिकायत और प्रशासन की भूमिका

20 मार्च 2026 (शुक्रवार) को मसीही समाज के प्रतिनिधियों ने स्थानीय पुलिस थाने में जाकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

रविवार को गांव के कुछ लोग मसीही परिवारों को बुलाने भी पहुंचे, लेकिन थाना प्रभारी के निर्देश के अनुसार वे वहां नहीं गए, जिससे संभावित बड़ी घटना टल गई।

इस दौरान आरोपियों की ओर से मसीही परिवारों के खिलाफ झूठी शिकायत भी दर्ज कराई गई कि उन्होंने स्थानीय देवी-देवताओं का अपमान किया है।

प्रशासन की समझाइश से मामला शांत

मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार और थाना प्रभारी ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी। उन्होंने धार्मिक मामलों में आपसी विवाद न बढ़ाने और कानून का पालन करने की सलाह दी।

प्रशासन की इस पहल के बाद गांव के पटेल और अन्य लोगों ने स्थिति को समझा और मामला फिलहाल शांत हो गया है।

निष्कर्ष

यह घटना धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द के मुद्दे को एक बार फिर उजागर करती है। समय रहते प्रशासन की हस्तक्षेप से एक बड़ी घटना टल गई, लेकिन ऐसे मामलों में सतर्कता और कानूनी कार्रवाई बेहद आवश्यक है।

रिपोर्ट: PM News India

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